बेटा डूब रहा था... पिता कूद पड़ा; चंबल के सीने में समा गई दो पीढ़ियां, एक शव मिला, दूसरा लापता
नीमच। जिले के सेमली आंतरी घाट से एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर आंख नम कर दी। एक पिता ने अपने बेटे को डूबता देखा तो अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी। उसे उम्मीद थी कि वह अपने बेटे को बचाकर वापस ले आएगा... लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
मनासा थाना क्षेत्र के आंतरी माता सेमली घाट पर शुक्रवार को दशरथ सिंह चंद्रावत अपने 20 वर्षीय पुत्र लखन के साथ नदी में गए थे। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान लखन गहरे पानी में चला गया। बेटे को डूबता देख पिता दशरथ सिंह भी उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़े, लेकिन कुछ ही पलों में दोनों नदी की अथाह गहराइयों में समा गए।
घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने घंटों तक नदी में तलाश अभियान चलाया। देर रात दशरथ सिंह का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन बेटे लखन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
शनिवार को भी नदी में सर्च ऑपरेशन जारी रहा। रेस्क्यू टीम नावों और गोताखोरों की मदद से लगातार तलाश कर रही है। उधर पूरे गांव की नजरें अब नदी की ओर टिकी हैं। एक परिवार ने अपना सहारा खो दिया है और मां की आंखें अब भी उस बेटे के इंतजार में हैं, जो कल घर से निकला था लेकिन अब तक वापस नहीं लौटा।
घटना की सूचना मिलते ही विधायक अनिरुद्ध माधव मारू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली और लापता युवक की तलाश में हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। वहीं शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना भी दी।
सेमली आंतरी में इस वक्त सिर्फ मातम है... क्योंकि एक पिता अपने बेटे को बचाने निकला था, लेकिन खुद जिंदगी की जंग हार गया, और बेटा अब भी नदी की गहराइयों में कहीं खोया हुआ है।
