मनासा में सियासी विस्फोट: राहुल गांधी से लेकर ड्रग्स-रेत माफिया तक… कांग्रेस ने खोला मोर्चा.. अब जीतू पटवारी संग मनासा में उतरेगी कांग्रेस
नीमच। मनासा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक माहौल अब पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस ने भाजपा विधायक, प्रशासन और पुलिस पर लोकतंत्र दबाने, विपक्ष को कुचलने और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। गांधी भवन में आयोजित आक्रामक प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ अनुमति की नहीं, बल्कि जनता की आवाज और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बन चुकी है।
पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल पर लगातार मुकदमे दर्ज कर उन्हें राजनीतिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं खिमला पावर प्लांट में मजदूरों की मौत के मामले में न्याय की लड़ाई लड़ने वाले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी प्रकरण दर्ज किए गए।
कांग्रेस ने स्थानीय विधायक माधव मारू पर भी सीधा हमला बोला। नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक ने “सस्ती लोकप्रियता” हासिल करने के लिए राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के खिलाफ मनासा थाने में आवेदन दिया, जिससे क्षेत्र की राजनीति का स्तर गिरा है।
प्रेसवार्ता में मनासा क्षेत्र में बढ़ते भ्रष्टाचार, एमडी ड्रग्स फैक्ट्रियों, अवैध रेत उत्खनन और जमीन घोटालों को भी बड़ा मुद्दा बनाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरे क्षेत्र में अवैध कारोबार खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहा।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर मनासा में आंदोलन और आमसभा प्रस्तावित थी, लेकिन एसडीएम और कलेक्टर स्तर पर चार दिनों तक अनुमति को लेकर लगातार टालमटोल की गई। अंत में धारा 144 का हवाला देकर कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। इसी के विरोध में कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का आरोप लगाया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि भाजपा जनता के गुस्से और कांग्रेस के बढ़ते जनसमर्थन से घबरा गई है। इसलिए प्रशासन का इस्तेमाल कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में मनासा में बड़ा जनआंदोलन होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और लोकतंत्र दबाने के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
