कैसे “बीड़ी कांड” से सुलगी कांग्रेस में आग! पद नहीं मिला तो प्रदेशाध्यक्ष का लेटर बताया “सेव-परमल खाने लायक”, तरुण बाहेती पर आरोप-

  नीमच
  तबरेज अगवान 
  27 May, 2026
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नीमच. (तबरेज़ अगवान)। कांग्रेस में आईटी सेल की नियुक्तियों के बाद ऐसा सियासी घमासान छिड़ गया है, जिसने संगठन की अंदरूनी राजनीति को खुलकर सोशल मीडिया पर ला दिया है। मामला अब सिर्फ पद का नहीं रहा, बल्कि “बीड़ी कांड”, गुटबाजी, बगावत और संगठन की कार्यप्रणाली तक पहुंच गया है।

दरअसल 26 मई 2026 को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आईटी सेल की नई नियुक्तियों का पत्र जारी किया गया। प्रदेशाध्यक्ष चंचलेश व्यास के हस्ताक्षरयुक्त इस पत्र में मोहन विश्वकर्मा को नीमच आईटी सेल जिलाध्यक्ष बनाया गया, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश विश्वकर्मा को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई।

लेकिन यह सूची सामने आते ही दिनेश विश्वकर्मा का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए लिखा—
“मेरा तत्काल इस्तीफा स्वीकार करो… आपकी गंदी राजनीति का शिकार मुझे मत बनाओ… आपका पद आपके पास रहने दो… यह लेटर सेव-परमल खाने के काम आएगा…”

बस फिर क्या था… देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और कांग्रेस दो खेमों में बंटती नजर आने लगी। कोई दिनेश को समर्पित कार्यकर्ता बता रहा है तो कोई उनकी भाषा पर सवाल उठा रहा है।

‘द वॉचमेन पोस्ट’ से बातचीत में दिनेश विश्वकर्मा ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरूण बाहेती पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा—
“तरूण बाहेती कांग्रेस नहीं, अपनी टीम और अपनी कप्तानी खड़ी कर रहे हैं… मैं कांग्रेस के लिए काम करता हूं, उनके लिए नहीं… इसलिए मेरी जगह अपने पट्ठे को जिलाध्यक्ष बनवा दिया गया…”

उन्होंने आगे कहा—
“जब विधायक, जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष रिपीट हो सकते हैं तो IT सेल जिलाध्यक्ष क्यों नहीं? यह तो वही बात हो गई… अंधा बांटे रेवड़ी और अपने-अपने को दे…”

दिनेश विश्वकर्मा ने दावा किया कि वे पिछले 10 सालों से कांग्रेस के लिए सोशल मीडिया पर लड़ाई लड़ रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा से लेकर विधानसभा चुनाव तक उन्होंने हजारों पोस्ट कर पार्टी के लिए काम किया।

इधर पूरे विवाद पर ‘द वॉचमेन पोस्ट’ ने आईटी सेल प्रदेशाध्यक्ष चंचलेश व्यास से बातचीत की। उन्होंने साफ कहा—
“जिला कार्यकारिणी का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। हमारी रणनीति नए लोगों को आगे लाने की है। दिनेश विश्वकर्मा को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। वे पहले भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसा सिर्फ नीमच में नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों में किया गया है।”

लेकिन मामला तब और गरमा गया जब जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरूण बाहेती ने “बीड़ी कांड” का जिक्र करते हुए पलटवार कर दिया।

तरूण बाहेती ने ‘द वॉचमेन पोस्ट’ से कहा—
“विधानसभा चुनाव से पहले भोपाल में वरिष्ठ नेताओं की वर्चुअल मीटिंग आयोजित हुई थी, जिसमें कमलनाथ जी से लेकर राष्ट्रीय नेता तक मौजूद थे। उस दौरान दिनेश विश्वकर्मा मीटिंग में बीड़ी पीते रहे। कई बार टोकने के बावजूद नहीं माने, जिसके बाद तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष अभय तिवारी ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था…”

उन्होंने आगे कहा—
“आज उन्हें प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी देकर प्रमोशन और सम्मान दिया गया है। जिला संगठन का नियुक्ति में कोई रोल नहीं है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।”

अब यह मामला सिर्फ एक नियुक्ति विवाद नहीं रहा… बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान, सोशल मीडिया ताकत और संगठनात्मक राजनीति का खुला अखाड़ा बन चुका है। नीमच से लेकर भोपाल तक इस पोस्ट और बयानबाजी की चर्चाएं तेज हैं।