माही नहर को 16.68 करोड़ की सौगात: 19 हजार किसानों तक पहुंचेगा पानी, सूखे छोर होंगे खत्म
मुख्य नहर से लेकर माइनर तक होगा कायाकल्प, पेटलावद क्षेत्र को मिली बड़ी राहत
झाबुआ। पेटलावद क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जर्जर हो चुकी माही परियोजना की नहरों के सुधार के लिए मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग ने 16.68 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस फैसले से क्षेत्र के 19 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और हजारों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।
स्वीकृति के तहत माही परियोजना की मुख्य नहर, वितरिका (डिस्ट्रीब्यूटरी), माइनर और सब-माइनर नहरों का व्यापक जीर्णोद्धार किया जाएगा। नहरों की मरम्मत से अब तक अंतिम छोर तक पानी न पहुंचने की समस्या खत्म होगी और जल की बर्बादी पर भी रोक लगेगी।
करीब 284 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली वाली माही परियोजना पेटलावद क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है। वर्तमान में यह परियोजना लगभग 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का आधार है, लेकिन नहरों की खराब हालत के कारण किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था।
कैबिनेट मंत्री एवं पेटलावद विधायक निर्मला भूरिया ने इस स्वीकृति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या को गंभीरता से उठाया गया था। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से न केवल नहरों का कायाकल्प होगा, बल्कि खेतों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
