चौथे समयमान वेतनमान में विसंगतियों पर भड़का पेंशनर संघ, शिक्षा विभाग पर दोहरी नीति के आरोप

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  19 May, 2026
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नीमच। संयुक्त विभाग पेंशनर संघ ने चौथे समयमान वेतनमान की स्वीकृति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विसंगतियों को लेकर जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए सभी पात्र शिक्षकों को एक समान रूप से चौथा समयमान वेतनमान स्वीकृत करने की मांग की।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालचंद वर्मा ने बताया कि 16 मई 2026 को जारी आदेश के तहत 50 शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया था। इसके बाद कुछ शिक्षकों के दस्तावेजों पर अलग-अलग प्रकार की आपत्तियां दर्ज की जाने लगीं, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। संघ ने इसे विभाग की “दोहरी नीति और असंगत कार्यप्रणाली” बताया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के समय सभी कर्मचारियों के सेवा अभिलेख, नियुक्ति दस्तावेज, वेतन संबंधी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पीपीओ एवं अन्य देयकों की स्वीकृति दी जाती है। ऐसे में वर्षों बाद दस्तावेजों में कमियां निकालना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।
पेंशनर संघ ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों का भी हवाला देते हुए कहा कि इनमें दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने और समिति गठन जैसी बातें सामने आ रही हैं, जो विभागीय रिकॉर्ड प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
संघ ने मांग की है कि 1 जुलाई 2023 या उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी पात्र शिक्षकों को बिना भेदभाव के चौथा समयमान वेतनमान शीघ्र स्वीकृत किया जाए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।