एआई तकनीक से पत्रकारिता में आएगा बड़ा बदलाव, निष्पक्षता और ग्रामीण मुद्दों पर जोर जरूरी — प्रोफेसर आशीष जोशी

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  17 May, 2026
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मनासा । प्रेस क्लब मनासा द्वारा नगर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित एक दिवसीय पत्रकार कार्यशाला में एआई तकनीक, निष्पक्ष पत्रकारिता और ग्रामीण पत्रकारिता की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने पत्रकारों को नई तकनीक अपनाने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए प्रोफेसर आशीष जोशी ने कहा कि पहले एक टीवी चैनल स्थापित करने में लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च होते थे, लेकिन एआई तकनीक आने के बाद वही कार्य अब बहुत कम लागत में संभव हो गया है। उन्होंने कहा कि एआई के उपयोग से पत्रकार घंटों का कार्य मिनटों में कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी कई पत्रकार टीवी चैनलों में एजेंट या प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने ग्रामीण पत्रकारिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारत गांवों में बसता है और ग्रामीण क्षेत्रों से उठने वाले मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तन ला सकते हैं। अंतिम पंक्ति में बैठे हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पत्रकारों को निष्पक्ष, निर्भीक और सत्यापित खबरें लिखनी चाहिए।
वहीं प्रोफेसर जे.एस. दूबे ने कहा कि पत्रकारिता हमें समाज के सामने जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत होना सिखाती है। खबरों में विश्वसनीयता होना आवश्यक है ताकि लोगों का भरोसा कायम रहे। उन्होंने फेक न्यूज से बचने और खबर की तह तक पहुंचने के बाद ही उसे प्रकाशित करने की बात कही।
कार्यशाला का दूसरा सत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित रहा, जिसे संबोधित करते हुए अभिलाष चौबे ने बताया कि एआई का उपयोग भाषा परिवर्तन, शिक्षा, चिकित्सा और कृषि जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहां एआई लाभदायक है, वहीं इसके दुरुपयोग से फेक वीडियो जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि एआई की मदद से उनकी सच्चाई भी उजागर की जा सकती है।
सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि पत्रकार का नैतिक कर्तव्य है कि वह समाज की अच्छाइयों के साथ बुराइयों को भी प्रमुखता से उजागर करे। उन्होंने कहा कि पत्रकार यदि लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें तो समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर किया जा सकता है। पत्रकारों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाजहित में कार्य करना चाहिए।
श्याम सोनी ने कहा कि पत्रकारिता आसान कार्य नहीं है। देश की आजादी में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पत्रकार समाज का आईना होता है और उसे टीआरपी बढ़ाने के लिए झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए। सत्य के मार्ग पर चलते हुए सत्ता से सवाल पूछना पत्रकार का कर्तव्य है।
डॉ. सीमा तिवारी ने कहा कि पत्रकार और जनप्रतिनिधि दोनों को निरंतर नई चीजें सीखनी होती हैं। पत्रकारों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सही दिशा मिलती है। वहीं अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता और राजनीति दोनों का उद्देश्य समाज में सुधार और परिवर्तन होना चाहिए।
श्याम गुर्जर ने कहा कि एआई समय की मांग है और इससे पत्रकारिता में क्रांतिकारी परिवर्तन आएंगे। कार्यक्रम में टीके झाला, सीमा जागीरदार तथा नरेंद्र मालवीय ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 20 से अधिक समाजसेवियों का सम्मान किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में जगदीश छाबड़ा एवं रामप्रसाद कसेरा, रक्तदान के लिए राकेश खींची, पर्यावरण संरक्षण के लिए आनंद मानावत एवं अनूप शर्मा, विधवा पेंशन सेवा के लिए सेवा अर्पण संस्था, मरीजों को स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कर्तव्य एक प्रयास संस्था, गौसेवा के लिए सर्वेश झवर, लोकेश बंटू सचदेवा, नारायण चिचानी, कमलेश आगर तथा कला क्षेत्र में मदनलाल राठौर का प्रमाण पत्र, शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यशाला में सहभागी बने सभी पत्रकारों को भी प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामधन विजयवर्गीय ने की। इस अवसर पर ललित सिंह चुंडावत, मुकेश शर्मा, भारत सोलंकी, पंकज श्रीवास्तव, राजू नागदा, अर्जुन सिंह जायसवाल, पवन राव शिंदे तथा प्रदीप जैन सहित नीमच, सरवानिया, जावद, रतनगढ़, मोरवन, सिंगोली, डिक्केन, जीरन, रामपुरा, कुकडेश्वर, कंजार्डा, आतरी माता एवं मनासा क्षेत्र के बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यशवंत राठौर ने किया एवं आभार भरत कनेरिया ने व्यक्त किया।