नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का विशाल मशाल जुलूस शनिवार को -केंद्र सरकार की लापरवाही ने लाखों छात्रों के भविष्य पर पानी फेरा - तरुण बाहेती
नीमच। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में हुए कथित पेपर लीक और धांधली के प्रकरण ने संपूर्ण शिक्षा जगत और देश की चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। केंद्र सरकार की अदूरदर्शिता और लचर व्यवस्था के कारण आज देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों की बरसों की तपस्या भंग हो गई है और उनके अभिभावकों की गाढ़ी कमाई व आशाओं पर पानी फिर गया है। इस महाघोटाले और अन्याय के विरुद्ध प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जी के आह्वान पर संपूर्ण प्रदेश के साथ-साथ नीमच जिला मुख्यालय पर भी जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक विशाल मशाल जुलूस के माध्यम से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की नाक के नीचे इतना बड़ा पेपर लीक कांड हो गया और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं। इस भ्रष्टाचार और युवाओं के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इसी कड़ी में शनिवार, 16 मई 2026 को शाम 7:30 बजे जिला मुख्यालय पर एक प्रभावी मशाल जुलूस का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। यह आंदोलन केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की आवाज है जिनके हक पर डाका डाला गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह मशाल जुलूस शहर के हृदय स्थल 40 चौराहा से प्रारंभ होगा, जो नया बाजार के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए पुनः 40 चौराहा (40 जीरो) पर पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस के समापन स्थल पर युवा कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार की जनविरोधी और युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश प्रकट करते हुए पुतला दहन किया जाएगा। मशाल की रोशनी में कांग्रेस कार्यकर्ता सोई हुई सरकार को जगाने का काम करेंगे और मांग करेंगे कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच हो और दोषियों को ऐसी सजा मिले जो भविष्य के लिए नजीर बन सके।
बाहेती ने जिले के समस्त कांग्रेस पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों, विधानसभा व लोकसभा प्रत्याशियों, मोर्चा संगठन के जिला अध्यक्षों, विभाग एवं प्रकोष्ठ के अध्यक्षों, स्थानीय जन प्रतिनिधियों सहित जिले के जांबाज कांग्रेस साथियों व छात्र संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मशाल जुलूस में सम्मिलित हों। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया है कि अपने भविष्य की रक्षा के लिए इस शांतिपूर्ण और प्रभावी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनें ताकि केंद्र सरकार को मजबूर होकर छात्रों के हित में कड़े कदम उठाने पड़ें।
