नीमच को 163.95 करोड़ की ऐतिहासिक सिंचाई सौगात, 22 गांवों की 5200 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  12 May, 2026
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विधायक दिलीप सिंह परिहार की पहल पर ठीकरिया तालाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी, चंबल के पानी से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ मिलेगा | 

नीमच। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नीमच जिले को बड़ी विकास सौगात मिली है। राज्य सरकार ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठीकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु 163.95 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

कैबिनेट बैठक में मिली बड़ी मंजूरी
यह परियोजना विधायक दिलीप सिंह परिहार के लगातार प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बांध की ऊंचाई बढ़ेगी, जल भंडारण होगा मजबूत
परियोजना के तहत वर्तमान बांध की ऊंचाई में 1 मीटर की वृद्धि की जाएगी, जिससे जलाशय की जल भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इससे जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी और भविष्य में पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।

आधुनिक तकनीक से खेतों तक पहुंचेगा पानी
पूरी योजना आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। चंबल नदी के जल का उपयोग पाइपलाइन के माध्यम से ‘प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली’ से किया जाएगा। इससे पानी की बर्बादी रुकेगी और किसानों के खेतों तक सीधे सिंचाई सुविधा पहुंच सकेगी।

22 गांवों के किसानों को होगा सीधा लाभ
इस महत्वाकांक्षी योजना से नीमच तहसील के करीब 22 गांवों की 5200 हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के दायरे में मेलकी मेवाड़, पालसोडा, बामनिया, पिपलिया व्यास, केनपुरिया, सकरानी, मालिया, रातडिया, डांसिया, अडमालिया, रामपुरिया, डसानी, बिसलवास बामनिया, कानाखेड़ा, बिसलवास सोनीगरा, बोरखेड़ी पानेड़ी और रेवली देवली सहित कई गांव शामिल हैं।

पेयजल और उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
परियोजना में जल उपयोग का प्राथमिकता क्रम भी तय किया गया है। इसमें सबसे पहले पेयजल, उसके बाद किसानों की सिंचाई और फिर औद्योगिक उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे झांझरवाड़ा और कराड़िया महाराज क्षेत्र में विकसित हो रहे उद्योगों को भी राहत मिलेगी।

विधायक परिहार ने जताया आभार
विधायक दिलीप सिंह परिहार ने इस ऐतिहासिक स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और चंबल के पानी का बेहतर उपयोग कर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका