दो धर्म, एक पथ- सड़क का एक छोर आचार्य शांतिसागर और दूसरा छोर सैयदना साहब के नाम पर होगा: नपाध्यक्ष की सक्रियता से विवाद से पहले समाधान

  नीमच
  पंकज मलिक
  10 May, 2026
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नीमच। शहर में दो समाजों के बीच एक सड़क के नामकरण का छोटा सा मुद्दा जो यूँ तो देश के ज्वलंत हालातों के मद्देनजर विवाद का बड़ा कारण बन सकता था, लेकिन नीमच में यह मुद्दा वजह बना दो समाजों को और परस्पर करीब लाने और सद्भाव प्रदर्शन का। पिछले दिनों जैन समाज के आवेदन पर नीमच नगर पालिका द्वारा बोहरा बाजार की बाहरी सड़क का नामकरण आचार्य शांतिसागर के नाम पर करने का निर्णय लिया गया। रविवार को लोकार्पण की तैयारियों और आचार्य शांतिसागर मार्ग का बोर्ड लगाए जाने की खबर जैसे ही बोहरा समाज के पदाधिकारियों को लगी तो समाज में खलबली मच गई। कारण यह कि इस मार्ग का नामकरण 2004 से ही बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के नाम से किया जा चुका है।

विवाद की आशंका और पुरानी स्मृतियाँ
10 मई, रविवार को ‘आचार्य शांतिसागर मार्ग’ नाम से इस मार्ग का लोकार्पण तय किया गया । मुनिदेव वैराग्य सागर जी और सुप्रभ सागर जी के सानिध्य में प्रातः 9 बजे आयोजन होना था। जानकारे मिलने पर बोहरा समाज का एक प्रतिनिधिमंडल नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और सीएमओ दुर्गा बामनिया से मिला और आपत्ति दर्ज करवाई कि मार्ग का नाम तो पहले से सैयदना साहब के नाम पर है। लोकार्पण से ठीक एक दिन पहले सामने आई इस विसंगति के चलते आनन-फानन में नगर पालिका द्वारा फाइलें खंगाली गईं तो सैयदना साहब के नाम पर नामकरण का कोई संकल्प नहीं मिल पाया। एक शिलालेख के बारे में जरूर बोहरा समाज द्वारा जानकारी नपाध्यक्ष को दी गई। और यह शिलालेख बाकायदा इस सड़क के किनारे दानागली से कमल चौक के छोर पर स्थित है। जिस पर अंकित है कि डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहेब मार्ग का नामकरण 08-06-2004 को विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष रघुराज सिंह चौरड़िया और पार्षद हुशामुद्दीन डेरकी की उपस्थिति में हुआ।

तत्परता और संवाद से निकला समाधान
जानकारी में आते ही लगा कि कोई बखेड़ा न खड़ा हो जाए या कोई धार्मिक विवाद न हो जाए। इस बीच दोनों समाजों में भ्रम की स्थिति बनने लगी थी, लेकिन नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और भाजपा नेता संतोष चोपड़ा ने तत्परता दिखाते हुए दोनों समाजों के वरिष्ठजनों की बैठक आयोजित की। सकारात्मक संवाद और आपसी सम्मान के वातावरण में कुछ ही मिनटों में समाधान निकल आया। साथ ही बोहरा समाज के प्रतिनिधियों को भी आज के लोकार्पण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
समरसता का नया अध्याय: एक सड़क, दो नाम
मुनिदेव वैराग्य सागर जी और सुप्रभ सागर जी के समक्ष जब तत्कालीन पार्षद और वर्तमान सचिव हुशामुद्दीन डेरकी के साथ बोहरा समाज के प्रतिनिधि जैन समाज के कार्यक्रम में पहुँचे तो नपाध्यक्ष स्वाति चोपड़ा द्वारा विधायक दिलीप सिंह परिहार व दोनों समाज जनों की उपस्थिति में प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव यह कि इस नई सड़क का दानागली से कमल चौक तक का छोर बोहरा धर्मगुरु डॉ.सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के नाम से जाना जाएगा और दानागली से पापुलर स्टूडियो तक का दूसरा छोर संत श्री आचार्य शांतिसागर के नाम से जाना जाएगा। कुछ मंत्रणा के बाद और मुनिद्वय की अनुमोदना पश्चात दोनों ही पक्ष सहर्ष इस प्रस्ताव पर राजी हो गए। नवनिर्मित आचार्य शांति सागर मार्ग की सड़क का लोकार्पण मौली बंधन खोलकर, लाल पर्दा हटाकर अतिथियों एवं समाज जनों द्वारा किया गया। इस तरह एक बड़ा मुद्दा जो दो समाजों के बीच विवाद का कारण बन सकता था उसे दोनों पक्षों द्वारा बड़ा दिल रखकर समरसता से सद्भावना पूर्वक सुलझा लिया गया।

जब गूँजे जयकारे और आशीर्वाद को उठे हाथ   
इस समय बोहरा समाज के जो प्रतिनिधि पहुँचे उन्होंने मुनि वैराग्य सागर जी और सुप्रभ सागर जी महाराज जी के हाथ जोड़कर गुरुओं की जयघोष लगाकर आशीर्वाद ग्रहण किया और सामाजिक सद्भावना और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। जैन समाज जनों ने भी बोहरा समाज के लोगों का मोती माला और जिन शासन का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। 
इस अवसर पर मुल्ला खोजेमा भाई शामगढ़, मुल्ला मोहम्मद भाई ऑनेस्ट, शब्बीर रंगवाला, असगर भाई हवेली वाला, मोइज भाई बाल्टी वाला, हुसेनी भाई डेरकी, हुसेनी भाई गार्ड, अली हुसैन जावद वाला और अब्बास भाई प्रिंस सहित अन्य उपस्थित रहे।

साथ ही कार्यक्रम में दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष विजय विनायका, समाजसेवी संतोष चोपड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव चोपड़ा, कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र सेठी, राकेश जैन, पूर्व पार्षद विनीत पाटनी, पार्षद शारदा पाटनी, उपाध्यक्ष जयकुमार बज, बंटी जितेंद्र जैन, सुरेश आज़ाद जैन, मनोज विनायका, विशाल विनायका, अजय कासलीवाल, विजय जैन लाडी, प्रदीप विनायका, आशीष विनायका चिंटू, अतुल जैन, परेश सालगिया, नंदू सर्राफ, प्रमोद गोधा, परीक्षित टिंचू जैन, शशि विनायका, आभा विनायका, अंकुश गोधा, निर्मल जैन, भागचंद जैन, राजेंद्र सोनी, संजय जैन ब्रदर्स, तुषार लालका, सुनील बांकलीवाल, विमल सरावगी सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।

समाज के प्रबुद्धजनों ने सराहा आपसी तालमेल
जानकारी के अभाव में यह स्थिति बनी थी, लेकिन दोनों समाजों के धर्मगुरुओं का संदेश हमेशा शांति और सद्भाव का रहा है। इसी भावना के साथ नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा, भाजपा नेता संतोष चोपड़ा और जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर विवाद को तुरंत समाप्त कर दिया गया - हुशामुद्दीन डेरकी, सेक्रेटरी बोहरा समाज

आयोजन से ठीक पहले पुराने नामकरण की जानकारी मिली थी, लेकिन दोनों समाजों ने परिपक्वता दिखाते हुए विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति से हल निकालकर शहर को सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल दी। - विजय जैन विनायका, जैन समाज अध्यक्ष  

नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा की सक्रिय भूमिका और संतुलित प्रयासों से इस संवेदनशील मामले का शांतिपूर्ण पटाक्षेप हो गया। पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि संवाद, सम्मान और समझदारी से किसी भी विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। नीमच शहर में इस निर्णय और दोनों समाजों की परिपक्वता की हर स्तर पर प्रशंसा हो रही है।