कांग्रेस के जनसंवाद में खरीदी व्यवस्था की खुली पोल,भुगतान में देरी, स्लॉट बुकिंग की समस्या, अवैध वसूली को लेकर किसानों ने सुनाई परेशानी

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  08 May, 2026
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नीमच। नई कृषि उपज मंडी गुरुवार को किसानों की समस्याओं और नाराजगी का बड़ा मंच बन गई। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित किसान जनसंवाद कार्यक्रम में किसानों ने सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था की जमकर शिकायतें कीं। कांग्रेस नेताओं ने किसानों के बीच पहुंचकर मंडी का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को लेकर सरकार व प्रशासन पर सवाल उठाए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि सरकार कागजों में किसानों को राहत देने के दावे कर रही है, लेकिन मंडी और खरीदी केंद्रों की वास्तविक स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीदी केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग नहीं होने से उन्हें मजबूरी में कम दाम पर मंडी में उपज बेचनी पड़ रही है।
किसानों ने बताया कि स्लॉट बुकिंग के समय कर्मचारियों द्वारा अक्सर “सर्वर डाउन” का बहाना बनाया जाता है। वहीं सरकारी तौल केंद्रों पर ट्रालियों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे ट्रैक्टर-ट्राली का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है और खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसानों ने समर्थन मूल्य बढ़ाने और खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग भी उठाई।
जनसंवाद के दौरान भुगतान में देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। किसानों ने कहा कि सहकारी समितियों में गेहूं भुगतान 15-15 दिन तक अटका रहता है, जबकि खेती के लिए खाद-बीज खरीदने में उन्हें तत्काल भुगतान करना पड़ता है। व्यापारियों ने भी नकदी की कमी और बैंकिंग व्यवस्था को लेकर परेशानी जताई।
मंडी परिसर की बदहाल सुविधाओं को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई। तरुण बाहेती ने कहा कि इतने बड़े मंडी क्षेत्र में केवल एक सुलभ कॉम्प्लेक्स होना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने पीने के पानी, बैठने के लिए शेड, रात्रि विश्राम और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को बेहद कमजोर बताया। अन्नपूर्णा भोजनालय में गंदगी मिलने पर भी कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जाहिर की।
कार्यक्रम में किसानों ने मंडी परिसर में अवैध वसूली का आरोप भी लगाया। किसानों का कहना था कि कुछ लोग पहले से ट्रालियां खड़ी कर जगह घेर लेते हैं और बाद में किसानों से पैसे लेकर जगह उपलब्ध कराते हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया