आस्था का सैलाब: कुचबंदिया गिहारा समाज की भव्य रथयात्रा, देशभर से उमड़े श्रद्धालु
नीमच। शहर में मंगलवार को आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब कुचबंदिया गिहारा समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय माता महारानी उत्सव की शुरुआत भव्य रथयात्रा के साथ हुई। दोपहर करीब 1 बजे नया बाजार स्थित मूलचंद मार्ग से निकली यह यात्रा पूरे शहर में श्रद्धा का केंद्र बनी रही।
रथयात्रा में माता रानी की सुसज्जित प्रतिमा को ट्रैक्टर पर विराजित कर आकर्षक फूलों से श्रृंगारित किया गया था। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यह रथ जहां-जहां से गुजरा, वहां भक्ति और उत्साह का माहौल बनता गया।
भक्ति, रंग और परंपरा का संगम
यात्रा में समाज के पुरुष पारंपरिक सफेद वस्त्रों के साथ केसरिया और गुलाबी साफा पहने नजर आए, वहीं महिलाएं लाल, पीले और हरे मराठी परिधानों में सजी-धजी दिखीं।
डीजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज पर “चलो बुलावा आया है”, “मैया की चुनर उड़ी-उड़ी जाए” जैसे भजनों के साथ श्रद्धालु झूमते नजर आए।
गर्मी पर भारी पड़ी आस्था
भीषण गर्मी भी श्रद्धालुओं के जोश को कम नहीं कर सकी। शहर के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, वहीं महू रोड सहित कई जगहों पर जलपान की व्यवस्था कर सेवा भाव का परिचय दिया।
शहरभर में निकली भक्ति यात्रा
रथयात्रा नया बाजार, घंटाघर, तिलक मार्ग, पुस्तक बाजार, 40 चौराहा, टैगोर मार्ग, कमल चौक और फव्वारा चौक से होती हुई विनोबागंज पहुंची, जहां विसर्जन के साथ इसका समापन हुआ।
देशभर से जुटे समाजजन
रथयात्रा के बाद आयोजित स्नेह मिलन समारोह में समाज के लोगों ने एकता और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर दिल्ली, मुंबई, नासिक, राजस्थान और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आए समाजजन भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आस्था और मान्यता
समाज के संजय गौहर के अनुसार, यह आयोजन हर वर्ष वैशाख माह की तेरस को “भारवसी पूजा” के रूप में मनाया जाता है। मरी माता के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है और मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मन्नत एक वर्ष के भीतर पूरी होती है।
आज होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
बुधवार को महू रोड स्थित मरी माता मंदिर में श्रृंगार, हवन, भजन-कीर्तन और प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा।
