तप, भक्ति और आस्था का महासंगम: 400+ तपस्वियों के साथ नीमच में ऐतिहासिक वरघोड़ा, जैन समाज का विराट शक्ति प्रदर्शन, शहरभर में गूंजे भक्ति के स्वर
नीमच | नीमच शहर सोमवार को आस्था, तप और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया, जब नवनिर्मित श्री आदिनाथ जिनालय मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत वर्षीतप तपस्वियों का भव्य और ऐतिहासिक वरघोड़ा निकाला गया। श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगच्छ ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन ने पूरे शहर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
वरघोड़े की विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसका एक छोर जैन भवन से शुरू होकर फव्वारा चौक तक पहुंचा। 45 से अधिक आकर्षक रूप से सजी बग्गियों में 400 से ज्यादा वर्षीतप पूर्ण करने वाले तपस्वी विराजमान रहे, जिनका शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
मुंबई से आए भजन गायक प्रतीक गेमावत ने अपने मधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। “तपस्या कर लो रे, भगवान मिलता है” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। बैंड-बाजों की धुन और जयकारों के बीच पूरा शहर धर्ममय हो उठा।
वरघोड़े को गच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज साहब एवं साध्वी विद्युत प्रभा श्रीजी मसा सहित ‘आदि ठाणा 20’ का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। महिलाओं ने जिन शासन की ध्वजा लेकर पैदल चलते हुए श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण पेश किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने आचार्यश्री के समक्ष अक्षत, स्वास्तिक और गहुली बनाकर आशीर्वाद लिया। कई सामाजिक संगठनों ने भव्य तोरण द्वार सजाकर स्वागत किया, जिससे पूरा शहर एक उत्सव स्थल में तब्दील हो गया।
आगे भी जारी रहेंगे धार्मिक आयोजन
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत आगामी दिनों में भी कई महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे—
21 अप्रैल: च्यवन कल्याणक विधान, 22 अप्रैल: जन्म कल्याणक, 56 दिक्कुमारी महोत्सव एवं वंदना, 23 अप्रैल: दीक्षा कल्याणक वरघोड़ा व ध्वजा कार्यक्रम, 24 अप्रैल: परमात्मा की प्रतिष्ठा, 25 अप्रैल: द्वार उद्घाटन एवं समापन अनुष्ठान।
इस भव्य आयोजन में संयोजक अनिल नागौरी, अध्यक्ष प्रेम प्रकाश जैन सहित समाज के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। दादावाड़ी ट्रस्ट के तत्वावधान और गच्छाधिपति के सानिध्य में पूरा आयोजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न हो रहा है।
