NHM फंड में गड़बड़ी के आरोप: भुगतान अटका, सीएचओ सड़कों पर — कलेक्टर तक पहुंची शिकायत
नीमच। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत फंड भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने भुगतान में अनियमितता और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा है।
सीएचओ का आरोप है कि वर्ष 2025-26 में उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जारी फंड के भुगतान में पारदर्शिता नहीं बरती गई। नियम के अनुसार जन आरोग्य समिति के लिए 50 हजार और हेल्थ एंड वेलनेस एक्टिविटी के लिए 5 हजार रुपए प्रति केंद्र स्वीकृत किए गए थे, लेकिन कई मामलों में भुगतान अब तक अटका हुआ है।
अधिकारी बताते हैं कि कई वेंडर्स को बिल जमा करने के बावजूद भुगतान नहीं मिला, जबकि कुछ को बिना स्पष्ट प्रक्रिया के राशि जारी कर दी गई। इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि जिला लेखा प्रबंधक स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सीएचओ का कहना है कि बार-बार जानकारी मांगने के बावजूद न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही भुगतान की कोई तय समय-सीमा बताई गई।
मामला यहीं नहीं रुका—100 दिवसीय टीबी अभियान की 7500 रुपए की प्रोत्साहन राशि और हर माह मिलने वाला 500 रुपए रिचार्ज भत्ता भी लंबित बताया गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई सीएचओ को अपनी जेब से खर्च कर काम पूरा करना पड़ा, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
अब सीएचओ ने मांग की है कि सभी लंबित भुगतानों को तुरंत जारी किया जाए, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
इस पूरे मामले ने जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
