नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले पढ़ें बड़ी खबर: संभलकर खरीदें फोन! दुकानों में चल रहा है 'एक्टिवेटेड' फोन का 'काला खेल' (द वॉचमैन पोस्ट)
नीमच। (द वॉचमैन पोस्ट) शहर के बाजार में इन दिनों एक नया स्कैम सामने आया है जहाँ नामी कंपनियों के फोन 'नए' बताकर बेचे जा रहे हैं, लेकिन वे असल में पहले ही शुरू (एक्टिवेट) किए जा चुके होते हैं। कई तो सिम बेचने वाले भी धीरे-धीरे मोबाईल बेचने लगे हैं और दुकान के आगे अधिकृत विक्रेता का बोर्ड लगा रहे हैं । यह न केवल ग्राहकों के साथ धोखा है, बल्कि GST विभाग और मोबाईल कंपनियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यह खेल कैसे खेला जाता है?
दुकानदार इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए मुख्य रूप से तीन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं:
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा: कई बार दुकानदार फोन को थोक में खरीदते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में उसे 'बिका हुआ' दिखाने के लिए उसे एक्टिवेट कर देते हैं। इससे वे टैक्स का फायदा उठा लेते हैं, लेकिन उसी फोन को दोबारा सील पैक करके नए ग्राहक को पूरी कीमत पर बेच देते हैं।
टारगेट और इंसेंटिव: कंपनियों से मिलने वाले भारी डिस्काउंट या टारगेट बोनस को पाने के लिए दुकानदार समय सीमा खत्म होने से पहले ही फोन के बॉक्स खोलकर उन्हें एक्टिवेट कर रहे हैं। बाद में इन्हें 'ओपन बॉक्स' के बजाय 'ब्रांड न्यू' कहकर बेचा जा रहा है।
अनधिकृत बोर्ड का सहारा: कई दुकानें बाहर 'Authorised Reseller' का बोर्ड लगा लेती हैं, जबकि उनके पास कंपनी की आधिकारिक अनुमति नहीं होती। इसके पीछे वे पुराने या रिफर्बिश्ड (मरम्मत किए हुए) फोन को नए डिब्बे में पैक करके बेचते हैं।
ग्राहकों को यूँ होता है नुकसान?
वारंटी में कटौती: फोन की वारंटी उसी दिन से शुरू हो जाती है जिस दिन वह पहली बार एक्टिवेट होता है। अगर दुकानदार ने फोन 2 महीने पहले एक्टिवेट कर दिया है, तो आपको 12 के बजाय केवल 10 महीने की वारंटी मिलेगी।
सॉफ्टवेयर और प्राइवेसी: पहले से खुले फोन में डेटा सुरक्षा का जोखिम रहता है।
पैसे की बर्बादी: ऐसे में आप एक 'सेकंड हैंड' या इस्तेमाल हो चुके फोन के लिए नए फोन जितनी कीमत चुकाते हैं।
खुद को कैसे बचाएं?
IMEI नंबर चेक करें: फोन खरीदने से पहले उसके बॉक्स पर दिए गए IMEI नंबर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे Apple 'Check Coverage' या Samsung Support) पर डालें। वहां आपको पता चल जाएगा कि फोन की वारंटी कब शुरू हुई है।
जीएसटी बिल जरूर लें: नया फोन खरीदने पर हमेशा पक्का जीएसटी बिल मांगें। अगर दुकानदार बिल देने में आनाकानी करे या 'कच्चा बिल' दे, तो समझ जाएं कि कुछ गड़बड़ है।
सील की जांच: बॉक्स की सील के साथ छेड़छाड़ या 'री-पैकिंग' के निशानों को ध्यान से देखें।
अधिकृत स्टोर से खरीदारी करें: केवल अधिकृत स्टोर या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें और किसी भी लुभावने ऑफर के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई बर्बाद न करें।
कंपनियों का ग्राहकों के लिए संदेश: कंपनियां अक्सर जागरूकता अभियान चलाती हैं और सलाह देती हैं कि "हमेशा 'Check Coverage' जैसे आधिकारिक टूल्स का उपयोग करें और केवल 'Authorised Partners' से ही खरीदारी करें। अगर डिवाइस पहले से एक्टिवेटेड है, तो वह 'नया' नहीं माना जाएगा और हम उसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।"
अनधिकृत विक्रेताओं (Unauthorised Sellers) पर सख्ती
कंपनियां स्पष्ट करती हैं कि जो दुकानदार बिना आधिकारिक अनुमति के उनके बोर्ड लगाते हैं, वे "Unscrupulous Elements" (अनैतिक तत्व) हैं। कंपनियां अक्सर अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए चेतावनी जारी करती हैं कि:
-अगर कोई फोन गलत तरीके से एक्टिवेट किया गया, तो उस स्टोर का 'Store Code' ब्लॉक कर दिया जाएगा।
-दोषी पाए जाने पर रिटेलर्स पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
