नीमच जिला जेल में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, गायत्री परिवार ने बंदियों को दी नई राह

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  06 April, 2026
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नीमच। जिला जेल में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित नशा मुक्ति अभियान ने बंदियों के बीच सकारात्मक सोच और बदलाव की नई उम्मीद जगाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बंदियों ने भाग लेकर नशा छोड़ने और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

नीमच में गायत्री परिवार द्वारा जिला जेल परिसर में एक प्रेरणादायक नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य अशोक सिंहल ने परम पूज्य गुरुदेव का संदेश साझा करते हुए मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख घर में हो माया”, यानी स्वस्थ शरीर ही जीवन का सबसे बड़ा सुख है। उन्होंने बंदियों से नशा और अन्य व्यसनों से दूर रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कमल एरन ने संत तुलसीदास की प्रसिद्ध पंक्ति “बड़े भाग्य मानुष तन पावा” की व्याख्या करते हुए मानव जीवन को अमूल्य बताया। उन्होंने आत्म चिंतन, आत्म सुधार और आत्म विकास के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की शुरुआत युवा कलाकार अशोक धाकड़ और दीपक अहीर द्वारा प्रस्तुत युग संगीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को ऊर्जावान बना दिया और बंदियों के मन में नई आशा का संचार किया।
कार्यक्रम की संयोजक मंजुला शर्मा ने जिला जेल अधीक्षक, जेल स्टाफ और सभी उपस्थित बंदियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान गायत्री परिवार की ओर से बंदियों को अखंड ज्योति पत्रिका, मंत्र लेखन सामग्री और प्रेरक पोस्टर भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में जिला जेल अधीक्षक ने गायत्री परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।