नीमच में शिक्षा का महाकुंभ! बुक एक्सचेंज मेले में उमड़ा जनसैलाब, 1000 बच्चों तक ज्ञान पहुंचाने का संकल्प, पालक संघ की अनोखी पहल—पुरानी किताबों से सजे नए सपने

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  06 April, 2026
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नीमच। शहर में शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत रविवार को नि:शुल्क बुक एक्सचेंज मेला आयोजित किया गया। पीएमश्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-02 परिसर में आयोजित इस मेले में सुबह से ही छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पार्थ जोशी एवं विशिष्ट अतिथि मितेश अहीर की उपस्थिति में नन्हीं बालिका अक्षिता शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
पालक संघ के जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की सफलता के बाद यह इस मेले का दूसरा आयोजन है। इस वर्ष लगभग 1000 विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, जिससे वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
मेले में छात्र-छात्राएं अपनी पुरानी लेकिन उपयोगी किताबें लेकर पहुंचे और बदले में उन्हें अगली कक्षा की नई पुस्तकें प्रदान की गईं। इस अनूठी व्यवस्था ने न केवल विद्यार्थियों को राहत दी, बल्कि पुस्तकों के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा दिया—जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तक दान अभियान भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें कई समाजसेवियों और नागरिकों ने स्वेच्छा से नई कॉपियां और स्टेशनरी सामग्री दान की। इन्हें जरूरतमंद बच्चों में वितरित किया गया, जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान साफ झलक उठी।
आयोजन को सफल बनाने में पालक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान आशा सांभर, शशिकांत दुबे, संजय नागदा, कपिल शुक्ला सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल आर्थिक राहत देते हैं, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और सकारात्मक वातावरण भी तैयार करते हैं।
पालक संघ ने भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और शैक्षणिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक शिक्षा का उजाला पहुंच सके।