महावीर जयंती पर 'जियो और जीने दो' का संदेश: जैन समाज ने की मांस-मछली की दुकानें बंद रखने की मांग
नीमच । 30 मार्च 2026, भगवान महावीर के "जियो और जीने दो" के कालजयी संदेश को सार्थक करने और उनके सिद्धांतों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए जैन समाज ने प्रशासन से विशेष आग्रह किया है। आगामी 31 मार्च को महावीर जयंती के पावन अवसर पर, समाज के प्रबुद्ध जनों ने मध्य प्रदेश शासन के नियमों का हवाला देते हुए इस दिन पशु वध और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक और नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि शासन के स्पष्ट प्रावधानों के अनुरूप महावीर जयंती के दिन जिले भर में मांस, मछली और अंडे की दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखा जाए।
समाज का मानना है कि महावीर जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि अहिंसा और करुणा का वैश्विक प्रतीक है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा भी ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश पूर्व से ही अस्तित्व में हैं।
प्रतिनिधियों ने कहा, "प्रभु महावीर का संदेश समस्त जीवों के प्रति दया भाव रखने का है। हम प्रशासन से निवेदन करते हैं कि शासन की इच्छानुसार इस दिन समस्त जीवों के वध पर प्रभावी प्रतिबंध लगाया जाए ताकि इस पवित्र दिन की गरिमा बनी रहे।"
इस सम्बन्ध में प्रशासन तक आवाज पहुँचाते हुए दिलीप छाजेड़, मनीष जैन मारू, नीलेश कोठारी, विक्की मारू, दीपक विरानी, सुंदर भाई, निमिष चेलावत, प्रदीप भामावत, रवि भामावत, अतुल गांधी, पंकज भामावत, विनय पगारिया, अंकुर, कमलेश मोगरा और अजय मेहता ने शीघ्र निर्देश जारी करने कि अपील प्रशासन से की है।
