नीमच: गौ रक्षा दल ने विधायकों को सौंपा ज्ञापन पत्र; गौशालाओं को अनुदान और तस्करी पर रोक लगाने की मांग
नीमच | गौ रक्षा दल मध्य प्रदेश (जिला नीमच) द्वारा जिले के विधायकों के नाम महत्वपूर्ण मांग पत्र लिखा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से दल ने गौवंश के संरक्षण, गौशालाओं को आर्थिक मजबूती देने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध गौ-तस्करी पर सख्ती से अंकुश लगाने की मांग की है।
विधायक निधि से सहयोग की अपील
गौ रक्षा दल के जिला अध्यक्ष अंकित जोशी और जिला प्रवक्ता सोहनलाल छाजेड़ द्वारा जारी इस पत्र में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा और मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू को संबोधित करते हुए आग्रह किया गया है कि वित्तीय वर्ष (मार्च) की समाप्ति को देखते हुए विधायक निधि का उपयोग क्षेत्र की गौशालाओं को अनुदान देने और गौवंश (गाय, बैल, बछड़े) की रक्षा हेतु किया जाए।
तस्करी रोकने हेतु प्रशासन से सख्ती की मांग
ज्ञापन में चिंता जताई गई है कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर पड़ोसी राज्यों और स्थानीय स्तर पर गौवंश की तस्करी की आशंका बढ़ गई है। दल ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के गौ रक्षकों से मिली जानकारी के अनुसार तस्करी की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
प्रमुख मांगें:
मध्य प्रदेश के गौ रक्षा कानून को पुलिस और प्रशासन के माध्यम से सख्ती से लागू किया जाए।
तस्करी के दौरान पकड़े गए या जब्त किए गए गौवंश को जिले की विभिन्न गौशालाओं में सुरक्षित भिजवाने की स्थाई व्यवस्था हो।
सरकार द्वारा चारे के अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिदिन करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही गई।
ज्ञापन विशेष रूप से क्षेत्र के तीनों विधायकों, दिलीप सिंह परिहार (नीमच), ओमप्रकाश सखलेचा (जावद) और अनिरुद्ध मारू (मनासा) को उनकी गौ-भक्ति और सक्रियता को देखते हुए उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। इस अवसर पर गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस दिशा में ठोस कदम उठाते हैं, तो जिले में गौवंश की स्थिति में बड़ा सुधार आएगा।
