मोगिया-गोंड समाज ने उठाई आवाज, ST प्रमाण-पत्र की मांग पर प्रशासन को घेरा
नीमच। मोगिया-गोंड आदिवासी समाज ने अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। मोगिया/मोग्या एवं मोध्या जनजाति के लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर समाज सेवा संगठन मध्यप्रदेश ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने आरोप लगाया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों और न्यायालय के फैसलों के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में पात्र लोगों को अब तक एसटी प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में ही मोगिया/मोग्या एवं मोध्या जनजाति को एसटी श्रेणी में प्रमाण-पत्र देने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही उच्च न्यायालय द्वारा भी इस संबंध में स्पष्ट निर्णय दिया जा चुका है।
इसके बावजूद प्रमाण-पत्र नहीं मिलने से समाज के लोग सरकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ से वंचित हैं, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक विकास पर असर पड़ रहा है।
संगठन ने मांग की है कि जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर पात्र लोगों के एसटी प्रमाण-पत्र बनाए जाएं। साथ ही पूर्व में जारी एससी प्रमाण-पत्रों को निरस्त कर उन्हें सही वर्ग में परिवर्तित किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष घीसालाल भाटी ने कहा कि समाज के लोगों को लंबे समय से उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर इस समस्या का समाधान करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
