मनासा में 78वें सप्ताह का सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ, भक्ति और संस्कार का अद्भुत संगम

  मनासा
  डेस्क न्यूज
  18 March, 2026
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मनासा। नगर में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाला सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग धार्मिक आस्था को प्रबलता से अभिव्यक्त करने के साथ नई पीढ़ी को संस्कारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह धर्म समागम पिछले 78 सप्ताह से निरंतर जारी है।

अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा, ओजस्वी एवं रामराष्ट्र आराधक संत श्री चेतनरामजी (उदयपुर) की प्रेरणा से चल रहे इस क्रम में 78वां पाठ श्रीरामानुज कोट मंदिर में होलिकोत्सव के रंगतेरस पर्व पर भक्तों की भारी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री लक्ष्मी वेंकटेशजी एवं श्रीहनुमान जी के श्रीविग्रह पर माल्यार्पण व पूजन के साथ हुई, जिसके बाद भक्ति से ओत-प्रोत सत्संग प्रारंभ हुआ।

सत्संग में रामानंदी साध्वी जयमाला दीदी (नीलिया) ने “कलियुग में देव हजारों हैं, हनुमान तुम्हारा क्या कहना” भजन प्रस्तुत कर श्रीहनुमान जी की महिमा का गुणगान किया। वहीं राजकुमार मारू ने “सिंदूर चढ़ाने से सब काम होता है” भजन के माध्यम से हनुमान जी की सहज भक्ति को दर्शाया।

रंगोत्सव की समापन बेला में सत्यनारायण सोनी ने “रंग मत डालो रे सांवरिया” भजन गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। गोपाल हिन्दुस्तानी ने “सालासर के मंदिर में हनुमान बिराजे” भजन से स्तुति की, जबकि अरुण झंवर ने “हम तो तेरी शरण में आए श्री बालाजी गोविंदा” भजन के माध्यम से श्री लक्ष्मी वेंकटेश भगवान की आराधना की।

इसी क्रम में गोपाल राठौर ने मालवा-मेवाड़ में प्रचलित श्रीचारभुजानाथजी की लावणी “हेलो हुणजे रे मारा रूप चतुरभुज भाला वारा रे” प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं की भावनाओं को स्वर दिया, जिस पर भक्तों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। ओम सोनी ने “श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” भजन के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त की।

अंत में सनातन सत्संग मंडल द्वारा इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सनातन परिवारजनों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही नवरात्रि के पावन अवसर पर आगामी सत्संग 24 मार्च, मंगलवार को प्रातः 8:30 बजे श्रीनारसिंह माताजी मंदिर, रामपुरा नाका रोड, मनासा में आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होने का आग्रह किया गया।