प्रदेश सहित नीमच में 2 मार्च से थम सकते है बसों के पहिए ! नई परिवहन नीति के खिलाफ ऑपरेटरों का आर-पार का ऐलान
नीमच। प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति और बढ़े हुए टैक्स के खिलाफ बस ऑपरेटरों का आक्रोश अब आंदोलन में बदलता दिख रहा है। निजी बस संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 2 मार्च से पूरे मध्य प्रदेश में बसों के पहिए थम जाएंगे।
नीमच जिला बस ऑपरेटर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि सोमवार शाम 4 बजे जिलेभर के बस ऑपरेटर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके साथ ही सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च सुबह 6 बजे से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
जिले में हड़ताल की स्थिति में करीब 250 बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इसमें नियमित रूट बसें, स्लीपर कोच और बारात-कार्यक्रमों में चलने वाली सभी बसें शामिल हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है।
नई नीति पर सबसे बड़ा विरोध क्यों
बस ऑपरेटरों का कहना है कि 24 दिसंबर 2025 से लागू नई परिवहन नीति के तहत पूरे प्रदेश को सात जोन में बांटकर बस संचालन का अधिकार सात कंपनियों को देने का प्रावधान किया गया है। इस व्यवस्था में निजी बस संचालकों को इन कंपनियों से लाइसेंस लेकर लीज पर रूट लेना होगा और उन्हीं के अधीन काम करना पड़ेगा।
ऑपरेटरों के मुताबिक इससे उनका स्वतंत्र व्यवसाय समाप्त हो जाएगा और वे कंपनियों पर निर्भर हो जाएंगे। साथ ही नई व्यवस्था में फीस और अन्य भुगतान भी कंपनियों के माध्यम से ही करना होगा, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।
टैक्स बढ़ोतरी ने बढ़ाया आक्रोश
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नई नीति के साथ ही बसों पर टैक्स में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले से ही महंगे डीजल, बीमा और परमिट खर्च से जूझ रहे ऑपरेटरों के लिए यह वृद्धि “कमर तोड़ने वाली” साबित हो रही है।
बस ऑपरेटरों का साफ कहना है कि सरकार ने निजी परिवहन क्षेत्र को खत्म कर कॉरपोरेट मॉडल लागू करने की तैयारी कर ली है। यदि नीति वापस नहीं ली गई और टैक्स वृद्धि पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
