आचार्य विद्यासागर के द्वितीय समाधि दिवस पर सेवा का संकल्प, दिव्यांग बच्चों संग बांटी करुणा की थाली
नीमच। संत शिरोमणि, राष्ट्रीय संत और जीवदया के मसीहा आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर दिगंबर जैन सोशल जिनागम ग्रुप ने श्रद्धा को सेवा में बदलते हुए प्रेरक पहल की।
ग्रुप अध्यक्ष मनोज विनायका एवं सचिव अमन विनायका के नेतृत्व में 18 फरवरी को सुबह 11:30 बजे रेड क्रॉस स्थित मूक-बधिर केंद्र पहुंचकर दिव्यांग बच्चों को स्वल्पाहार कराया गया और टिफिन-बोतल वितरित कर गुरुवर को भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने आचार्य श्री के बताए संयम, राष्ट्रप्रेम और सेवा मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। “इंडिया नहीं, भारत बोलो” का संदेश देने वाले महामुनिराज को याद करते हुए उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
जिनागम ग्रुप द्वारा लाभार्थी परिवार श्री महावीर जी अमित सोनी की अनुमोदना भी की गई।
इस अवसर पर प्रदीप विनायका, विकास सरावगी, रवि श्रद्धा अजमेरा, विजय विनायका, अंकुश गोधा, सुनीता विनायका, श्वेता सोनी, अन्नू बाकलीवाल, गौरी विनायका, दिलीप विनायका सहित मूक-बधिर केंद्र स्टाफ खुमान भारद्वाज एवं मुकेश भाई सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
संदेश स्पष्ट रहा—गुरु स्मरण का सर्वोत्तम मार्ग सेवा है।
