इल्म, इमान और इत्तेहाद की गूंज से नीमच गूंज उठा, कुरआन को सीने में उतारने वाले नन्हे हाफ़िज़ों का भव्य सम्मान, मदरसा दारुल उलूम में दो दिवसीय तालीमी जलसे ने बांधा समां

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  30 January, 2026
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नीमच | जब दौर-ए-हाज़िर में तालीम पर सवाल उठ रहे हों, तब नीमच के मदरसा दारुल उलूम इस्लामिया से उठी यह तस्वीर उम्मीद की लौ बनकर सामने आई।
यौमे जम्हूरियत के मौके पर यहां न सिर्फ़ जश्न मनाया गया, बल्कि इल्म, दीन और अख़लाक़ का पैग़ाम पूरी शिद्दत के साथ दिया गया।
स्कीम नंबर-9 स्थित मदरसे में दो दिवसीय तालीमी जलसा एवं सालाना वार्षिक उत्सव का आयोजन हुआ, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
कार्यक्रम का माहौल हर्ष, उल्लास और गरिमा से ओतप्रोत रहा।

कुरआन को कंठस्थ करने वाले बच्चों का ऐतिहासिक सम्मान

कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब मदरसे के चार बच्चों द्वारा पवित्र कुरआन हिफ़्ज़ (कंठस्थ) करने पर उनका मदरसा कमेटी एवं क्षेत्रवासियों द्वारा विशेष सम्मान किया गया।
साथ ही चार अन्य बच्चों को द्वितीय पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

कुरआन का पैग़ाम — इल्म से रौशन होता इंसान

कुरआन मजीद में अल्लाह फरमाता है:
“क्या जानने वाले और न जानने वाले बराबर हो सकते हैं?”
(सूरह ज़ुमर : 9)
और एक जगह इरशाद होता है:
“अल्लाह उन्हीं के दर्जे बुलंद करता है जो ईमान लाते हैं और जिन्हें इल्म दिया गया।”
(सूरह मुजादिला : 11)

मदरसे के ये नन्हे हाफ़िज़ इन आयतों का जीता-जागता सबूत बनकर उभरे।

देशप्रेम और संस्कारों का सुंदर संगम

शाम 7 बजे से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने फौजी ड्रेस,फैंसी ड्रेस, अंग्रेज़ी भाषणों के माध्यम से गणतंत्र दिवस का महत्व प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रातः 8:30 बजे ध्वजारोहण किया गया, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगीत और कौमी तराने प्रस्तुत कर माहौल को देशप्रेम से सराबोर कर दिया।
इल्मी, दीनी और अदबी कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति
दोपहर 1 बजे से शुरू हुए कार्यक्रमों में भाषण, वाद-विवाद, इस्लामी क्विज, कौमी गीत, नाते पाक, तिलावते कुरआन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की सदारत मुफ्ती अशरफ साहब (भोपाल), कारी निसार साहब (ताल), शब्बीर साहब (रामपुरा) एवं मौलाना इरशाद साहब (जाट) ने की। प्रारंभ में इमामुद्दीन कारी साहब ने मदरसे का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी मौजूदगी

इस अवसर पर साकिर खान, असलम चौधरी, अशरफ बैग, वाहिद खान, हाजी अनीस, इलियास कुरैशी, हाजी अलीम, जावेद दुर्रानी, नाहर पहलवान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन हाफ़िज़ नदवी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मोहम्मद मुज़फ्फर आलम कासमी ने किया।

अमन और भाईचारे की दुआ के साथ समापन

अंत में कुरआन मुकम्मल करने वाले तालिबा से कुरआन मजीद की तकमील कराई गई और
देश में अमन, चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं।