कमोडिटी बाज़ार में भूचाल - चाँदी ने किया ‘चार सौ बीसी’: 24 घंटे में 90 हजार की धड़ाम गिरावट, निवेशकों की नींद उड़ी
भोपाल। जिस चाँदी को कल तक सुरक्षित निवेश का मजबूत किला माना जा रहा था, उसी ने महज 24 घंटे में बाजार को चौंका दिया।
MCX कमोडिटी बाजार में चाँदी ने रातों-रात ऐसा यू-टर्न मारा कि तेजी की कहानी सीधे अफरा-तफरी में बदल गई।
बीती रात चाँदी ने ₹4,20,000 प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्चतम स्तर छूकर रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने बाजार की रफ्तार पर जोरदार ब्रेक लगा दिया।
तेज बिकवाली के दबाव में भाव करीब ₹90,000 टूटकर ₹3,30,000 के आसपास जा पहुँचे।
इस अचानक गिरावट से वायदा और हाजिर—दोनों बाजारों में हड़कंप मच गया।
चीन से उठा बिकवाली का तूफान
बाजार सूत्रों के मुताबिक, चीनी बाजार में भारी मुनाफावसूली इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई।
आगामी बड़े उत्सवों से पहले चीन के निवेशकों और फंड हाउसों ने चाँदी समेत कई धातुओं में जमकर मुनाफा निकाला।
एशियाई सत्र में बिकवाली का दबाव बढ़ते ही अंतरराष्ट्रीय कीमतें लुढ़कीं और उसका सीधा असर भारतीय MCX पर पड़ा।
अमेरिका फैक्टर: शटडाउन की आहट और फेड पर सियासी वार
उधर अमेरिका में आंशिक सरकारी शटडाउन की आशंका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा फेड चेयरमैन को हटाने की धमकी ने वैश्विक बाजारों की धड़कन तेज कर दी।
डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में तेज उतार-चढ़ाव ने कीमती धातुओं को झटका दिया और चाँदी सबसे ज्यादा फिसली।
कल तक खरीद की होड़, आज पसरा सन्नाटा
दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और भोपाल जैसे बड़े शहरों के सर्राफा बाजारों में कल तक चाँदी खरीदने की होड़ मची थी।
तेजी के जोश में कई थोक व्यापारियों ने आज भाव तक देना बंद कर दिया।
लेकिन गिरावट आते ही बाजार का मिजाज पलट गया।
हाजिर बाजार में घबराहट, छोटे निवेशक निकले बाहर
MCX में गिरावट के बाद हाजिर बाजार में भी बेचवाली तेज हो गई।
छोटे निवेशकों ने नुकसान के डर से माल निकालना शुरू कर दिया, वहीं व्यापारी नए सौदों में बेहद सतर्क नजर आए।
नतीजा—कारोबार की रफ्तार थम सी गई।
अभी खत्म नहीं हुआ खेल
खबर लिखे जाने तक चाँदी में हल्का सुधार देखा गया और भाव ₹3,54,000 के आसपास कारोबार कर रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह और महीने के अंत तक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम आगे की दिशा तय करेंगे।
फंडामेंटल अब भी मजबूत
बाजार जानकारों का कहना है कि यह गिरावट अल्पकालिक करेक्शन है।
लॉन्ग टर्म में चाँदी के फंडामेंटल अब भी मजबूत हैं।
सोलर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती औद्योगिक मांग आने वाले समय में कीमतों को सहारा दे सकती है।
निष्कर्ष
24 घंटे में आई ₹90,000 की गिरावट ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि कमोडिटी बाजार में रफ्तार तेज है और जोखिम भी उतना ही बड़ा।
वैश्विक घटनाओं का असर अब सीधे घरेलू बाजारों पर दिख रहा है—
इसलिए निवेशकों के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ी रणनीति है।
डिस्क्लेमर
यह रिपोर्ट निवेश सलाह नहीं है। बाजार की मौजूदा स्थिति और रुझानों की जानकारी मात्र है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
