आँखों पर पट्टी, मन में गीता: मनासा की बिटिया आराध्या ने रच दिया इतिहास, जोश, श्रद्धा और कर्म की जीत

  नीमच
  डेस्क न्यूज़
  30 January, 2026
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मनासा | यह केवल एक खबर नहीं, यह आस्था, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की उद्घोषणा है।
मनासा विधानसभा क्षेत्र की होनहार बेटी आराध्या सोनी, पिता महेंद्र जी सोनी (सहयोग मेडिकल) ने वह कर दिखाया है जो असंभव को संभव में बदल देता है।
लगातार एक वर्ष की कठोर साधना, निरंतर अभ्यास और अखंड समर्पण के बल पर आराध्या ने India Book of Records में अपना नाम दर्ज कर मनासा ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश और देश को गौरवान्वित किया है।
आँखों पर पट्टी बाँधकर श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 12, 15 और 16 के कुल 64 श्लोक मात्र 13 मिनट 28 सेकंड में सस्वर पाठ कर उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया।

यह उपलब्धि इसलिए और भी ऐतिहासिक बन जाती है क्योंकि आराध्या 80 प्रतिशत स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से प्रभावित हैं।
इसके बावजूद उनका यह प्रदर्शन पूरे समाज को यह संदेश देता है कि शरीर की सीमाएँ, आत्मा के संकल्प को नहीं बाँध सकतीं।

भागवत का संदेश — कर्म और भक्ति की विजय

श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं—
“क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते।”
(हे अर्जुन, दुर्बलता को मत अपनाओ, यह तुम्हें शोभा नहीं देती।)
और फिर कर्म का उद्घोष करते हैं—
“योगः कर्मसु कौशलम्।”
(कर्म को कुशलता और समर्पण से करना ही योग है।)
आराध्या का यह कार्य इन श्लोकों का जीता-जागता प्रमाण है — जहाँ भक्ति है, वहाँ शक्ति है; जहाँ विश्वास है, वहाँ विजय निश्चित है।

मनासा की मिट्टी की आवाज़

आज मनासा तहसील अपनी इस बिटिया पर गर्व कर रही है।
आराध्या ने यह साबित कर दिया कि संस्कार, साधना और संकल्प मिल जाएँ तो कोई भी चुनौती छोटी पड़ जाती है।
यह खबर नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
 यह सनातन संस्कृति की जीवंत शक्ति है। यह भारत की आत्मा की गूंज है।
मनासा की बिटिया को नमन, साहस को सलाम और भक्ति को प्रणाम।