संघ शताब्दी पर नीमच में उमड़ा हिन्दू स्वाभिमान का सैलाब,  विराट हिन्दू सम्मेलन व भव्य शोभायात्रा से गूंजा शहर, सांस्कृतिक चेतना का हुआ जागरण

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  13 January, 2026
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नीमच। संघ शताब्दी के अवसर पर नीमच शहर मंगलवार को हिन्दू चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता के विराट प्रदर्शन का साक्षी बना। “जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष के बीच आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन ने न केवल शहर का माहौल धर्ममय कर दिया, बल्कि हिन्दू समाज को एक सूत्र में बांधने का सशक्त संदेश भी दिया।
आयोजकों के अनुसार, हिन्दू जागरण को नई ऊर्जा देने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 13 जनवरी 2026, मंगलवार को प्रताप बस्ती क्षेत्र में यह भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 1 बजे साँवलिया जी मंदिर से भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा के साथ हुई। पारंपरिक वेशभूषा, भगवा ध्वज और धार्मिक जयघोषों के साथ निकली शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
शोभायात्रा में सबसे आगे डीजे पर गूंजते भक्ति भजन, ढोल की थाप पर थिरकते युवा और “जय सियाराम” के नारों से गूंजता मार्ग आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम बना रहा। चल समारोह में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की सजीव झांकी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही, जिसे देखने के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
शोभायात्रा के पश्चात दोपहर 3 बजे बौद्धिक व्याख्यान आयोजित किए गए, जिसमें वक्ताओं ने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा, सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर विचार रखे। इसके बाद सहभोज प्रसादी का आयोजन हुआ। सम्मेलन का समापन सायं 5 बजे से श्रीनाथ मैरिज गार्डन, नीमच सिटी में किया गया।
आयोजकों ने पहले ही श्रद्धालुओं से विशेष वेशभूषा में आने का आह्वान किया था, जिसके तहत पुरुषों से कुर्ता-पजामा और मातृशक्ति से चुनरी या लाल साड़ी धारण करने का आग्रह किया गया। इसका व्यापक असर देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक परिधान में सम्मेलन में शामिल हुए।
यह विराट हिन्दू सम्मेलन प्रताप बस्ती के समस्त हिन्दू परिवारों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें सरदार मोहल्ला, बगीचा नंबर 13, रावण रूडी, माहेश्वरी मोहल्ला, मीणा मोहल्ला, कोर्ट मोहल्ला सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से नागरिक बड़ी संख्या में सहभागी बने।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिन्दू समाज को संगठित करने, संस्कारों को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है, जिसने नीमच में सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाई दी है।