ऑपरेशन सिंदूर: हर चरण में नजर आई भारतीयता

  नई दिल्ली
  कपिल सिंह
  07 May, 2025
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‘कलमा’ ना पढ़ पाने पर किया था छलनी, कर्नल सोफिया कुरैशी ने पढ़ा आतंकियों की बर्बादी पर ‘फातिहा’

नीमच (कपिल सिंह चौहान) पहलगाम की खुबसूरत वादियों में गोलियों से छलनी कर दिए गए हमारे 26 अपनों के खो जाने के दुख से गमगीन और आक्रोशित भारतीयों ने आज सुबह आँख खोली तो सुकून मिला एक खबर से। खबर थी कि आधी रात को मात्र 25 मिनट में भारतीय सेना द्वारा वर्षों से भारत में आतंक फेला रहे आतंकवादियों के 9 पाकिस्तानी ठिकानों को धवस्त कर दिया गया। हर भारतवासी को सुकून मिला यह जान कर कि पहलगाम हमले की घटना का बदला ले लिया गया है।

आतंक के ठिकाने और पाकिस्तान की गैरत को मिलाया मिट्टी में  

आज देश ने सुबह भारतीय सेना का धन्यवाद देते हुए आँख खोली और धन्यवाद किया भारत सरकार का जिसने हर भारतीय से किए हुए वादे को निभाया, जल्दी निभाया और इस कदर निभाया। पाकिस्तान की सीमा में पल रहे आतंक के खौफनाक किरदारों के आलीशान गढ़ ध्वस्त होते हुए देखना इसलिए भी सुकून भरा था क्योंकि पहलगाम से लेकर मुंबई तक आतंकी हमलों के जिम्मेदार हर आतंकी को इन्ही आंतक की फैक्ट्रियों में तैयार किया गया था। आज पाकिस्तान में इन आतंकियों का रसूख, रुतबा और खौफ भारतीय सेना और सरकार द्वारा ध्वस्त कर दिया गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों और वादे के अनुरूप उन्हें मिट्टी में मिला दिया गया। साथ ही, पाकिस्तान की गैरत को भी मिट्टी में मिला दिया गया।    

सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को कब्रगाह बनाए जाने के बाद डीटेल्ड ‘फातिहा’ पढ़ा

पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर हमले की खबर भारतीय सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने आतंकियों को पनाह देने में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में जानकारी दी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वजह भी सामने रखी। पहलगांव हमले का उद्देश्य और तरीका जम्मू-कश्मीर और देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने की कोशिश था। सेना द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए सेना की दो महिला ऑफिसर्स विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी को चुना गया। पहलगाम में आतंकियों ने कलमा ना पढ़ पाने पर पर्यटकों को गोलियों से छलनी कर दिया था, आज कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को उनकी कब्रगाह बनाए जाने के बाद डीटेल्ड ‘फातिहा’ पढ़ा। कर्नल सोफिया कुरैशी इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं और बताया जा रहा है कि उनके दादा भी इंडियन आर्मी में थे।

भारत द्वारा आज पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाना सिर्फ बदला लेने के लिए आवश्यक नहीं था बल्कि हिंदुस्तान पर संभावित आतंकी हमलों को रोकने के लिए भी जरूरी था। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली थी कि वे और हमले कर सकते हैं। इन्हें रोकना जरूरी था। हमने इन्हें रोकने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है। यह कार्रवाई नपी-तुली और जिम्मेदारीपूर्ण है। हमारा एक्शन आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने और आतंकियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। 

ऑपरेशन सिंदूर के हर चरण में भारतीयता

24 घंटे पहले तक जिस पाकिस्तान में हर ऐरा-गैरा परमाणु बम की घुड़की दे रहा था उसके रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने विदेशी मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से यह याचना की कि “‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोक दिया जाए, हम कोई जवाबी कार्रवाई नहीं करेंगे। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किए गए ऑपरेशन को हमले की पीड़ित महिलाओं के सुहाग को समर्पित करते हुए इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ दिया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पूर्व सारी दुनिया के नेताओं को विश्वास में लेना, इतनी नपीतुली, न्यायसंगत कारवाई करना, बर्बर आतंकियों के खिलाफ लड़ाई में भी सिविलियन्स का बाल बांका तक ना होने देना, ये शोर्य, ये पराक्रम और ये नैतिकता, यह सब हमारी सरकार और सेना की संवेदनशीलता और मानवीयता को प्रदर्शित करता है। यही भारतीयता है, और हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं।