“जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है” — श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में रमाकांत गोस्वामी
नीमच
24 December, 2025
नीमच। धर्म का पालन ही सुख, समृद्धि और सम्मान का मार्ग है। धर्म के बिना जीवन अधूरा है—यह विचार वृंदावन धाम के प्रख्यात श्रीमद् भागवत आचार्य संत श्री रमाकांत जी गोस्वामी ने कमल अग्रसेन भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।
कथा के दौरान उन्होंने गीता, भागवत और रामायण के श्रवण को जीवन का आधार बताते हुए भक्ति, तपस्या और सद्कर्मों पर जोर दिया। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित होने और बच्चों में बचपन से धार्मिक संस्कार देने का आह्वान किया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं हरे परिधान में सहभागी रहीं।
यह आयोजन 22 से 28 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 बजे कमल अग्रसेन भवन में जारी रहेगा।
