दड़ौली हादसा: ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के बाद ढाई घंटे में खुला जाम; प्रशासन ने सहायता राशि और जांच का भरोसा दिया
नीमच। निर्माणाधीन नीमच–सिंगोली मार्ग पर सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। सड़क निर्माण में लगे डंपर ने बाइक सवार को कुचल दिया, जिससे ग्राम आंबा (दड़ौली पंचायत) निवासी कारू लाल पिता नंदलाल भील (उम्र 24 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। डंपर सांवरिया कंस्ट्रक्शन, उदयपुर का बताया जा रहा है, जो इस मार्ग के निर्माण कार्य में लगा हुआ था।
हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश, नीमच–सिंगोली रोड जाम
डंपर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर ही चक्का जाम कर दिया।
एसडीएम प्रीती संघवी और एसडीओपी रोहित राठौर मौके पर पहुंचे
एसडीएम प्रीती संघवी और जावद एसडीओपी रोहित राठौर पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत करने की कोशिश की, समझाईश दी और जाम खुलवाया । अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जाम खोला गया
आदिवासी समुदाय में भारी रोष, दो डंपरों में तोड़फोड़
हादसे से गुस्साए आदिवासी ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद दो डंपरों के कांच तोड़ दिए। भीड़ लगातार उग्र होती जा रही थी और मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। लगातार मनाने और वार्ता के बाद जाम खोल दिया गया, जिससे आवागमन सामान्य हो सका। इधर समाज के लोगों ने बताया की मृतक के भाई को अस्थाई नौकरी का वादा व ठेकेदार द्वारा 6 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने व प्रशासन द्वारा जांच कर कारवाई किये जाने के वादे के बाद प्रदर्शन ख़त्म किया गया है ।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: मुआवजा और कड़ी कार्रवाई
ग्रामीण मृतक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा और सड़क निर्माण से जुड़े जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने अवैध खनन की शिकायत भी की । किसान नेता राजकुमार अहीर और पूरण अहीर भी पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया।
प्रशासन का आश्वासन: सहायता राशि मिलेगी, अवैध खनन की जांच होगी
एसडीएम प्रीती संघवी ने बताया कि, “यह दड़ौली–आंबा माता रोड की सुबह की घटना है। कारूलाल भील की दुखद मौत हुई है। प्रशासन की समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया है। मृतक परिवार को सहायता राशि दी जाएगी। अवैध खनन से संबंधित शिकायतों की जांच कराई जाएगी।”
दड़ौली में हुए इस दर्दनाक हादसे ने जिले में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पर सुरक्षा व्यवस्था व नियमों के पालन को लेकर फिर एक बार गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
