नेस्तनाबूद कर दीजिए मोदी जी ऐसे दरिंदों को,भूल जाइये मानव अधिकार,जनता अब इंसाफ मांगती है...
त्वरित टिप्पणी
पंकजम
दुःखद नहीं बेहद दुःखद......
इससे शर्मनाक और कायराना हरकत हो ही नहीं सकती,निहत्थे लोगों पर जो अपने परिवार अपने बच्चों के साथ खुशियां मनाने, अपने सुकून के पलो को जीने आए थे,उन्हें इन कायर आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया।
स्वाभिमान अब नहीं चरमराना चाहिए
कुछ ही मिनटों में कितने परिवार कितने सपने कितनी खुशियां नेस्तनाबूद कर दी इन आतंकियों ने,मोदी जी आप प्रधानमंत्री है इस देश के,आपका भी मन आहत हुआ है तो अब मत सोचिए क्या होगा प्रतिक्रिया का परिणाम,
सब भुगतने को तैयार है देश की जनता,चाहे युद्ध की स्थिति झेलना पड़े,चाहे आर्थिक व्यवस्था चरमरा जाए,पर अपना स्वाभिमान अब नहीं चरमराना चाहिए।
हमें पता है आपको देश के जयचंदो का है डर
हमें पता है आप क्यूं नहीं कड़े कदम उठा पा रहे क्यूं नहीं अपना दम खम दिखा पा रहे, क्यूं आपका 56 इंच का सीना अपनी ताकत नहीं दिखा पा रहा। हमें पता है कि ये देश के जयचंद आपकी सबसे बड़ी रुकावट है,आप बाहरी दुश्मनों से तो आसानी से निपट लोगे पर अपने देश के अंदर के दुश्मनों का भय है,ये सब समझते है।
जनता भी तो आपके साथ है मोदी जी
पर आप अब जनता का आक्रोश भी समझिए,निपट लेगी आस्तीन के सांपों से आपकी खुद की जनता,अब जनता पर भी विश्वास कीजिए,वो आपके साथ थी,है और हमेशा रहेगी।
अब मौका है विश्वपटल पर भी अपनी प्रतिक्रिया देकर अपनी बात रखने का ,भूल जाइए वैश्विक प्रतिक्रिया क्या होगी,भूल जाइए मानव अधिकारों को,बस दुस्साहस कीजिए आतंकियों को उनके घर में जाकर मारने का,चाहे इसके लिए सीमा पार भी क्यूं ना जाना पड़े।
मैं ना तो आपको दोष दे रहा हूं ना आप पर कोई इल्ज़ाम लगा रहा हूं,मैं आम आदमी हूं, बस देश का मुखिया होने का कर्तव्य याद दिला रहा हूं। खून खौल रहा है मेरा भी वहां के दृश्य देखकर,रोक नहीं पा रहा हूं अपनी प्रतिक्रिया को....
आपके प्रति रोष भी है मोदी जी
मुझमें रोष है गुस्सा है आपके प्रति भी,और रहेगा तब तक जब तक आप इस नृशंस हत्याकांड का बदला ना ले लो,आप मुखिया हो हमारे हमारे परिवार के रक्षक हो,आप पर हम फख्र भी करते है और उम्मीद भी आपसे ही है।
मेरी बाते कड़वी जरूर लगेगी और लगना भी चाहिए, क्यूंकि मेरी उम्मीद,मेरा विश्वास,मेरा स्वाभिमान,सब कुछ आप हो,मैं फख्र से कहता हूं ना कि मैं भारतीय हूं तो उसके कारण भी आप ही हो।
आपसे विनती है हमारी
तो हाथ जोड़कर ये विनती, ये गुजारिश भी करता हूं जैसा जवाब सीआरपीएफ जवानों की मौत के बाद दिया था ना उससे बढ़कर अब आपको जवाब देना है।
शैतानों की नस्लें कांप जाए अब,उनकी रूह भी भारत के नाम से कभी किसी आतंकी के रूप में जन्म लेने से पहले सोचे,मिटा दीजिए उनका वजूद....
दे दीजिए आपकी जनता को थोड़ी सी दिलासा,थोड़ी सी राहत जो अपना सब कुछ खो चुके। उन्होंने अपना सब कुछ खो दिया जो वापिस नहीं मिल सकता,पर उनका विश्वास मत खोइए साहब...
हमें नहीं देखना 56 इंच का सीना
नहीं चाहिए बढ़ती अर्थव्यवस्था,नहीं चाहिए आधुनिकता और नहीं चाहिए हमे यश और गुणगान...हमे बस अब चाहिए इंसाफ....
सीना नहीं देखना हमे कि 56 इंच का है या नहीं,हमे जोश देखना है,निर्भयता देखना है....
बस अब सब्र नहीं
और अगर अब भी आपका मन नहीं पसीजा तो साहब अब नहीं कहा जायेगा मेरे दिल से कि 'हर हर मोदी,घर घर मोदी'
दिल में अभी जगह है आपकी और उस जगह को कायम रखना है तो साहब अब अस्त्र शस्त्र जो भी उठाना है उठाइए...
कूटनीति,राजनीति,साम,दाम,दंड,भेद जो भी उपयोग करना हो कर लो साहब बस अब सब्र नहीं है।
मुझे बस बदला चाहिए साहब
नेस्तनाबूद कर दीजिए मेरे देश के दुश्मनों को
मुझे गर्व का एक और मौका दीजिए कि मैं गर्व से कहूं " मैं भारतीय हूं "
मुझे बस बदला चाहिए और कुछ नहीं मोदी जी....
