डेस्क न्यूज़
09 June, 2026
अन्य
नीमच | मनासा तहसील के ग्राम फुलपुरा स्थित क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र देवनारायण मंदिर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मंदिर के पुजारी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर के वर्तमान पुजारी को पद से हटाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा नियुक्त पुजारी पिछले करीब 11 महीनों से नियमित रूप से मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं कर रहा है। इससे मंदिर की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पुजारी का व्यवहार उचित नहीं है। आवेदन में महिलाओं के प्रति अनुचित भाषा के प्रयोग और अशोभनीय आचरण के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे मंदिर का धार्मिक माहौल और गरिमा प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित पुजारी के खिलाफ थाना कुकड़ेश्वर में आपराधिक मामले दर्ज हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुजारी शराब और जुए जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहता है, जो धार्मिक पद की मर्यादा के खिलाफ है।
ग्रामीणों का कहना है कि देवनारायण मंदिर गुर्जर और गायरी समाज सहित क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए योग्य, धार्मिक और अच्छे आचरण वाले व्यक्ति को पुजारी नियुक्त किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने मंदिर से जुड़ी शासकीय भूमि और संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुजारी को पद से हटाने की मांग की है।